{"product_id":"parag-m-bhalerao-9798842328055","title":"\u0026#2357;\u0026#2367;\u0026#2358;\u0026#2381;\u0026#2357; \u0026#2325;\u0026#2368; \u0026#2313;\u0026#2340;\u0026#2381;\u0026#2346;\u0026#2340;\u0026#2381;\u0026#2340;\u0026#2368;: \u0026#2346;\u0026#2369;\u0026#2352;\u0026#2369;\u0026#2359; \u0026#236","description":"\u003cp\u003eयद्यपि वैदिक साहित्य पर कई पुस्तकें लिखी गई हैं, यह पुस्तक बहुत अलग है। इस पुस्तक का लक्ष्य धर्म या अध्यात्म नहीं है। यह पुस्तक पुरुष सूक्त नामक वैदिक सूक्त में वर्णित वैज्ञानिक पहलुओं पर केंद्रित है।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eहम हमेशा सुनते हैं कि वैदिक शास्त्र ज्ञान की खान हैं, लेकिन उस वैज्ञानिक ज्ञान को समझने और प्रसारित करने का बहुत कम प्रयास किया जाता है। किसी भी वैदिक ग्रंथ की व्याख्या कई प्रकार से की जा सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक व्याख्या सबसे आम है, लेकिन इन ग्रंथों के पीछे के विज्ञान को समझने से हमें एक अलग तरह का आनंद मिलता है।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Parag M. Bhalerao\u003cbr\u003e\u003cb\u003eISBN-13:\u003c\/b\u003e 9798842328055\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePublisher:\u003c\/b\u003e Independently Published\u003cbr\u003e\u003cb\u003eLanguage:\u003c\/b\u003e English\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePublished:\u003c\/b\u003e 07\/24\/2022\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePages:\u003c\/b\u003e 76\u003cbr\u003e\u003cb\u003eFormat:\u003c\/b\u003e Paperback\u003cbr\u003e\u003cb\u003eWeight:\u003c\/b\u003e 0.25lbs\u003cbr\u003e\u003cb\u003eSize:\u003c\/b\u003e 9.00h x 6.00w x 0.16d","brand":"Parag M. Bhalerao","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":48852089078015,"sku":"9798842328055","price":7.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"url":"https:\/\/www.whiterainbookhouse.com\/products\/parag-m-bhalerao-9798842328055","provider":"WR Book House","version":"1.0","type":"link"}